दिवाली पर निबंध कक्षा ५ के लिए – पढ़े यहाँ Diwali Essay In Hindi For Class 5

प्रस्तावना:

दिवाली हमारे भारत देश में विभिन्न जातियों तथा धर्मो के लोगों द्वारा मनाया जाता है जिसमें से दिवाली पर्व हिंदुओं में सर्वश्रेष्ठ रूप से मनाई जाती हैं| यह पर्व प्रकाश तथा उत्साह से परिपूर्ण होता है, भारत में यह एक महत्वपूर्ण त्यौहार है, तथा दिवाली पर्व को साफ – सफाई का भी पर्व माना जाता है|” दिवाली त्योहार चार दिनों का त्योहार होता है जोकि कार्तिक मास की अमावस्या को भगवान श्री रामचंद्र जी 14 वर्ष के वनवास से लौटे थे इसी उपलक्ष में दिवाली मनाया जाता है|

दिवाली पर्व मनाने की कथा

भारत में अनेकों पर्व मनाये जाते है | उसी प्रकार से दिवाली भी एक पर्व है, इस पर्व को मनाने के लिए भी एक प्राचीन कथा है, गीता का एक श्लोक है, “तमसो मा ज्योतिर्गमय” इसका अर्थ यह होता है| की, अंधेरे से उठकर प्रकाश की और आगमन करने के उपदेश हमें दिवाली पर्व देता है | इस दिन माता पार्वती भगवान गणेश तथा माता लक्ष्मी की पूरी निष्ठा से पूजा-अर्चना की जाती है, कहीं – कहीं पर तो इनकी पूजा का आयोजन भी रखा जाता हैं जहां पर बड़े से बड़ा रंगमंच का  कार्यक्रम भी होता है |

दिवाली पर्व मनाने की विधि

दिवाली एक ऐसा पर्व है, जिसे वर्षों के लंबे समय बाद मनाने का अवसर प्राप्त होता है, इस पर्व को मनाने से पूर्व हमें अपने घरों, दफ्तरों तथा आस – पास के इलाके की सफाई करनी होती है | जिससे की हमारे आस – पास की दरिद्रता नष्ट हो जाए और सुख-समृद्धि का आगमन हो दिवाली पर्व में मैं और मेरा छोटा भाई, बचपन से ही बडे आनंदित होकर दिवाली पर्व का आनंद लेते हैं| इस दिन हमें हमारे माता-पिता कपड़े, खिलौने, पटाखे तथा मिठाईयां लाते हैं| जिसे देखकर  हम दोनों प्रसन्न होते हैं| इस दिन मनो कि हमारी लौटरी सी लग जाती है इस दिन चारों तरफ पटाखे फूटने के शोर – शराबे होते हैं| जिससे दिवाली का पर्व अति मनोरंजक हो जाता है, दिवाली के दिन हमारे आस – पास के दोस्तों तथा पड़ोसियों के घरों से अच्छे – अच्छे स्वादिष्ट पकवान हमें खाने को प्राप्त होते हैं दिवाली के दिन मानो की हम एक राजाओं की जिंदगी जीते हैं|

दिवाली में विद्यार्थी जीवन

दिवाली में २० – २२ दिनों की छुट्टी मिलने के कारण हम बच्चों को अधिक से अधिक गृह कार्य मिलता है| जिसके कारण हमें खेलने को भी कम समय प्राप्त होता है और यही एक कारण है | जिससे विद्यार्थी सदैव से प्रसन्नता रहे हैं विद्यार्थी चाहते हैं कीं, उन्हें सीमित गृह कार्य मिले जिससे उन्हें उनका बचपन दिवाली के अवकाश में आनंदित रूप से व्यतीत करने का अवसर प्राप्त हो|

निष्कर्ष:

दिवाली पर्व से केवल एक ही निष्कर्ष प्राप्त होता है, की इस दिन हमारे परिवार में सभी औरतें देशी पकवान बनाती है, जैसे कीं लड्डू, गुझिया, शंकर पापड़ आदि होते हैं| हमें सभी धर्मों का तथा सभी पर्वों को तहे दिल से स्वीकार करना चाहिए| पटाखे तथा बारूद दागने में अति नहीं करनी चाहिए, इसके कारण वायु प्रदूषण होता है, जोकि हमारे सेहत के लिए हानिकारक होता है| और हमारे सुद्ध वातावरण के लिए भी हानिकारक होता हैं |

Updated: March 14, 2019 — 9:54 am

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