दहेज़ प्रथा पर निबंध – पढे यहाँ Dahej Pratha Essay In Hindi

प्रस्तावना :

दहेज़ प्रथा सदियों से चलती आ रही एक प्रथा है, जिससे की लालच का उदय होता है | यह प्रथा प्रचीन समय में केवल राजा महाराजाओं तक ही सीमित था, किन्तु अब यह आधुनिक युग की एक रस्म हो गयी है|

और आज के समय में हर घर परिवार में इस प्रथा को निभाया जाता हैं| अर्थात दहेज़ का अर्थ यह होता है की लड़की से शादी करने हेतु उसके परिवार से धन,अनाज ,भौतिक संसाधन ,जमीन तथा सुख सुविधाओ इत्यादि मूल्यवान वस्तुए की मांग को दहेज़ कहते हैं |

दहेज़ की शुरुआत 

दहेज़ प्रथा प्रचीन समय में राजा महाराजाओं द्वारा आरंभ किया गया यह क्रूर प्रथा आज कई स्थानों पर कई परिवार नष्ट कर रहा है |

प्रचीन समय में राजा महाराजा के पास धन आभूषण इत्यादि उनके पास आसानी से उपलब्ध होते थे अतः वे लेन देन कर एक दुसरे को प्रसन्न कर इस प्रथा को निभाते थे|

किन्तु आज की गरीबी और महंगाई में यह समभाव न होने के कारण लोग आत्महत्या करने पर मजबूर हो जाते हैं |

दहेज़ प्रथा से होने वाले लाभ 

दहेज़ प्रथा में देखा जाय तो लाभ केवल उस दुल्हे को होता है जिसकी कोई भी बहन नहीं होती है | कारण यह है की जिस दुल्हे की बहन होती है उसे भी दहेज़ देना होता है और यह सिल सिला चलता आरहा है |

लोगो का मानना हैं की जो कोई परिवार समाज में अपने बेटी के दुल्हे को एक अधिकतम धन राशी और नकद तथा सोने के आभूषण दहेज़ में देते है तो उससे उनकी छवि एक बड़े पैमाने पर अच्छी होती है |

दहेज़ प्रथा से होने वाले नुकसान 

दहेज़ प्रथा के कारण न जाने कितने परिवार में झगड़े कलह बटवारे इत्यादि हो जाते हैं | कभी कभी समय पर दहेज की तै की गई रकम न होने के कारण लड़की की शादी टूट जाती है और मंडप में से दूल्हा उठ जाता हैं |

यदि समाज में दहेज़ कम मिलने पर शादी भी हो जाती है तबभी लोग लडकियों पर अत्याचार करते है | जैसे की लड़कियों को मारना, उनसे जानवरों से भी ज्यादा काम लेना और पर्याप्त भोजन न देना जैसे, अन्य तरीको से कष्ट देते है और एक दिन या तो लड़की कोइ गलत कदम उठालेती है या फिर आत्महत्या ही सूझता है |

दहेज़ प्रथा पर कानून 

दहेज़ प्रथा पर कानून यह है की धारा ४९८ A c r.p.c के तहद जब किसी भी लड़की /औरत के साथ उसका पति या उसके ससुरालवाले या उसके रिश्तेदार किसी भी प्रकार का क्रूरता भरा व्यवहार करेंगे तो वे इस धरा के अंतर्गत आयेगे और इसी के माध्यम से उनपर कारवाही होगी और सजा भी मिलेगा |

निष्कर्ष :

बेटीयों में कुछ हद तक कमी को देखते हुए माता पिता उनकी अधिक दहेज़ देकर विवाह कर देते और बेटियों को भोझ भी समझ ते है|

अतः निष्कर्ष स्वरुप से यदि कोई दहेज़ दे ही नहीं तो और जब कोई मांग करता है तो उसे आप पोलिस प्रशासन शिकायत दर्ज करवाएं जिससे इसे रोका जा सकें|

“अभी नहीं तो कभी नहीं”

Updated: February 22, 2019 — 9:58 am

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