दादी पर निबंध – पढ़े यहाँ Dadi Maa Essay In Hindi

प्रस्तावना:

माँ यह एक ऐसा शब्द हैं जिसमे पूरी सृष्टि समाविष्ट हैं | माँ यह एक भावना को व्यक्त करनेवाली होती हैं, जो पूर्ण रूप से ममता से भरी हुई हैं | यह एक ऐसी भावना हैं जिसमे केवल प्रेम, नि:स्वार्थ हैं |

जिस तरह से माँ शीतल छाया होती हैं उसी तरह से दादी माँ एक प्यार भरी मिठास हैं | दादी माँ यह बहुत प्यारी होती हैं | दादी माँ का प्यार जिस बच्चे को मिलता हैं वही उसका महत्व जान सकता हैं |

मेरी दादी

मेरी दादी मुझे बचपन से ही बहुत अच्छी लगती हैं | मेरे दादी का नाम रोशनी देवी हैं | उनकी उम्र ६० साल हैं | मेरी दादी मेरे घर में हम सभी लोग के साथ में रहती हैं | मेरी दादी सभी बच्चों को और बड़ों को बहुत प्यार करती हैं और ध्यान भी रखती हैं |

मेरी दादी मुझे अच्छे संस्कार देती हैं और अच्छी आदते सिखाती हैं | मेरी दादी सुबह जल्दी उठती हैं और मंदिर जाती हैं | कभी – कभी वो मुझे भी अपने साथ लेकर जाती हैं |

दादी की बाते

मेरी दादी हम सभी को यह बाते बताती हैं की, सुबह जल्दी उठना अच्छा होता हैं | क्यों की सूरज की किरने शरीर पर पड़ने से हम अन्य प्रकार के बिमारियों से बच सकते हैं | सभी को सुबह जल्दी उठकर भगवान की पूजा करनी चाहिए |

अब मैं बड़ा हो गया हूँ लेकिन दादी की सभी बाते मुझे आज भी याद हैं | मैं अपने दादी के हर एक बात का पालन करता हूँ | जब मेरी दादी मंदिर जाती हैं तो मेरे लिए प्रसाद लेकर आती हैं |

अन्य बातों का ध्यान

मैं जब छोटा था तब दादी मुझे अपने हाथ से खाना खिलाती थी | हम सभी लोग दादी माँ के हाथ का बनाया हुआ खाना बहुत पसंद करते थे |

दादी हम सभी को कहती थी खाना खाते समय कभी बात नहीं करनी चाहिए | वो हम सभी को हरी सब्जियां खाने के लिए कहती थी | मेरी दादी माँ मेरे तबियत का बहुत ख्याल रखती थी |

जब मैं बीमार होता था तब वो मेरे साथ बैठी रहती थी और मेरा ख्याल रखती थी | मेरी दादी माँ मेरी माँ से भी मेरा बहुत ज्यादा ख्याल रखती थी |

कहानिया

जब मैं छोटा था तब मेरी दादी माँ मुझे रात को ओते समय कहानिया सुनाती थी | मैं हमेशा अपने दादी के पास ही जाकर सोता था | वो मुझे रामायण, महाभारत जैसी कहानिया सुनती थी और धार्मिक बाते भी बताती थी जो मुझे सुनने में बहुत पसंद थी | मैं कहानी सुनते – सुनते कब सो जाता था मुझे पाता हिन् चलता था |

निष्कर्ष:

हर एक बच्चे का बचपन माँ के आँचल और ममता के साथ – साथ दादी के गोद के बिना कभी पूरा नहीं हो सकता हैं | मुझे मेरी दादी बहुत पसंद हैं और मुझे बहुत प्यार करती हैं | इसलिए मैं यही चाहता हूँ की हर जन्म मुझे यही दादी मिले |

Updated: June 15, 2019 — 9:30 am

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