भारत के संविधान पर निबंध – पढ़े यहाँ Constitution Of India Essay In Hindi

प्रस्तावना:

हमारा देश १५ अगस्त, १९४७ को ब्रिटिश सरकार के गुलामगिरी से मुक्त हुआ था | तब हमारे देश का संविधान नहीं बना हुआ था | जब किसी भी देश की पहचान होने के लिए उस देश की संस्कृति, भाषा और कानून या नियम होना बहुत जरुरी हैं | संविधान का मतलब होता हैं की, किसी भी देश को कानून और नियमों के द्वारा नियंत्रित किया जा सके |

भारतीय संविधान की निर्मिती

हमारा भारत देश यह एक लोकतांत्रिक देश हैं | इस देश का संविधान विश्व का सबसे बड़ा संविधान हैं | हमारे देश का संविधान डॉ, बाबासाहेब आम्बेडकर इन्होंने निर्माण किया हैं | इसलिए उनको भारतीय संविधान के पिता कहा जाता हैं | हमारे देश का संविधान यह अमेरिकी संविधान से प्रेरित हैं |

संविधान की रचना

हमारे भारत देश का संविधान २६ जनवरी, १९४९ को घोषित किया गया हैं | सन १९५० में इस संविधान को पूर्ण रूप से लागु किया गया था | इस संविधान को बनाने के लिए २ साल११ महीने और १८ दिन लगे हुए थे | भारतीय संविधान को २२ भागों में विभाजित किया गया था | इस संविधान के अन्दर ४६५ अनुच्छेद और 12 अनुसूचिया हैं |

लिखित और अलिखित संविधान

संविधान के दो प्रकार होते हैं – लिखित और अलिखित | संविधान यह पूरी तरह से लिखित नहीं हो सकता हैं | क्यों की लिखित संविधान को बदलना बहुत मुश्किल होता हैं |

किसी भी विषय में संशोधन करने के लिए सबसे प्रथम केन्द्रीय संसद और राज्य के विधान मंडलों की सहमति लेनी बहुत जरुरी होती हैं |

भारतीय संविधान

हमारे देश का संविधान लिखित स्वरुप का हैं | यह संविधान में आवश्यक लोगों को उनके मौलिक, राजनैतिक और सामाजिक अधिकार देने के लिए बनाया गया हैं |

इस संविधान की सुरक्षा सर्वोच्च न्यायालय करता हैं | हमारे देश के संविधान में कानून और नियम विभिन्न देशों से लिए गए हैं | इस संविधान में मौलिक अधिकार रुसी संविधान से लिए गए हैं |

संविधान की विशेषता

भारतीय संविधान एकता को बढ़ावा देता हैं | संविधान यह भारत के संसद को संविधान में परिवर्तन करने के लिए शक्ति देता हैं |

इस संविधान की निर्मिती इसलिए की गयी हैं की, यह संविधान सामाजिक, धार्मिक, राजनितिक और ऐतिहासिक स्थिति को सामने रखकर की गयी हैं |

हमारे देश का संविधान आर्थिक और व्यक्तिगत शक्ति को मजबूत करता हैं | देश के राष्ट्रीय गान को २४ जनवरी १९५० को अपनाया गया था |

राष्ट्रीय गीत और असोक स्तंभ को राष्ट्रीय चिन्ह के रूप में भारतीय संविधान के दिन ही अपनाया गया था | इस देश के नागरिकों को कर्तव्य हैं की, हमारे संविधान, राष्ट्रीय गान और तिरंगे का सम्मान करना चाहिए |

निष्कर्ष:

हमारे देश का भारतीय संविधान सभी नागरिकों के अधिकार और हक्कों को सुरक्षित रखने का कार्य करता हैं | हम सभी लोगों को कानूनों और नियमों का पालन करना चाहिए | हमारे भारतीय संविधान का सम्मान करना चाहिए |

Updated: May 11, 2019 — 11:23 am

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