स्वच्छ भारत निबंध हिंदी में – पढे यहाँ Clean India Essay In Hindi

प्रस्तावना :

स्वत्छ भारत का निर्माण हेतु इसकी पहल सर्वप्रथम  भारत देश के प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी जी ने २-अक्तूबर-२०१४  कीं |

उन्ही के नेतृत्व में इसे प्रारंभ किया जिसे नाम दिया गया , “स्वत्छ भारत अभियान” स्वत्छ भारत का स्वप्न तो महात्मा गाँधी ने देखा था | और इसके तात पश्चात कहा की, स्वतंत्रता से कहीं ज्यादा अधिक जरुरी स्वतंत्रता है, महात्मा गाँधी अपने देश की गरीबी और उसके गन्दगी से सम्पूर्ण रूप से अवगत थे |

इसी कारण उनहोंने अपने जीवन में आजादी के बाद इस गन्दगी को साफ़ करने हेतु अनेको बार प्रयास किए किन्तु वे असफल रहे |

स्वच्छता अभियान 

स्वच्छता भारत अभियान यह एक महत्वपूर्ण अभियान है जिसे लघु होना अत्यंत आवश्यक था | आज भारत जैसे देश में स्वच्छ भारत अभियान के वजह से कुल ४०४१ नगर तथा कई अन्य मार्ग आते है |

यह एक बहुत ही भव्य आन्दोलन है जिसके कारण नगरो और सडको पर सफाई की झलक देकने को मिली और यह  शिछा मिली की हमें गन्दगी नहीं करनी चाहिये |

इसके लिए भारत सरकार ने कई स्थानों पर कूड़ेदान रखवाए है और केवल कूड़ेदान से ही समाधान नहीं किया किन्तु इसके लिए कानून भी बनायें की यदि कोई अपनी इच्छानुसार गंदगी फैलाएगा तो वह कानून के दायरे में आएगा और उसे पेनाल्टी(Fine) भी देनी होगी |

अतः इससे काफी हद तक जनता में जागरूकता फैली और गन्दी को त्याग कर उन्होंने अपना एक कदम स्वच्छता की बढाया |

भारत देश में स्वच्छता की आवश्यकता 

भारत देश में स्वछता की आवश्यकता होने का कारण यह है की चुकी हम जानते है भारत देश एक पुरुष प्रधान देश है |

जहाँ पर लोग किसानी के माध्यम से अपना पेट पालते थे | और किसानी भी इस तरह की किसी न कीसी की गुलामी भी करते थे,  अतः शिक्षा के अभाव के कारण वे मानो की जानवरों जैसे भी उनका रहन सहन होता था |और इन सब से महामारी बिमारी उलटी दस्त दूषित जल के सीन से हैजा होना इन सब कारणों से भारत देश में स्वच्छता को लाना आवश्यक हो गया |

शहरीय क्षेत्रो में स्वच्छता का प्रभाव 

शहरों में स्वच्छता का प्रभाव यह हुआ की, भारत सरकार ने (क्लीनअप अधिकारियो) का एक संगठन बनाया |

जिसके कारण लोगो द्वारा सार्वजनिक स्थान पर गन्दगी करने पर उन्हें त्पेनालती के रूप में तय की गई धन राशी देनी होती है अर्थात जो नहीं देता उसे कम से कम १ माह तक की कैद होने की सजा सुनाई जाती हैं |

जिससे की कुछ हद तक जनता में आक्रोश भी होता है किन्तु जो शिक्षित लोग है वे समझते है| की यदि हम गंदगी ही नहीं करते तो फिर हमें अन्य प्रकार के रोग तथा पेनाल्टी(Fine ) से बच सकते थे |

निष्कर्ष :

निष्कर्ष स्वरुप यदि हमारे लिए सरकार कोई नियम या कानून जैसे प्रावधान बनती है , तो जाहिर है की कुछ सोच समझ कर ही बनाएगी,

और इससे हमारा भला ही होगा जैसे स्वछता अभियान यह अभियान भी एक कानून ही है किन्तु हमें गंदगी का विरोध कर एक नैय भारत को बनाना चाहिए और यही जरुरी भी है |

Updated: February 22, 2019 — 7:27 am

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