बाल अधिकारों पर निबंध – पढ़े यहाँ Essay on Child Rights in Hindi

प्रस्तावना

बाल अधिकार देश के हर बच्चे को प्राप्त अधिकार है, जिसमें उन्हें शिक्षा बच्चों को घर-परिवार के साथ समाज में रहने और स्वस्थ विकास के लिए दिए गए अधिकारों की जानकारी सभी को होना चाहिए | शिक्षा विकास की पहली सीढ़ी है | शिक्षा पाना हर एक बच्चे का अधिकार है |

जैसे हम जानते हैं, आज के जमानें में बच्चों के जीवन में उपेक्षा, दुर्व्यवहार की घटनाएं काफी बढ़ गई है| इसके बारे में जागरूक करने के लिए संगठन, सरकारी, विभाग, नागरिक, समाज समूह आदि के द्वारा अन्य कई तरह के कार्यक्रम आयोजित किये जाते हैं |

बाल अधिकार के लिए किये गये घोषणा को २० नवम्बर २००७  को स्वीकार किया गया | बाल अधिकार के तहत जीवन का अधिकार, पहचान, भोजन, पोषण और स्वस्थ, विकास, शिक्षा, मनोरंजन, और राष्टियता और पारिवारिक पर्यावरण, उपेक्षा से सुरक्षा, दुर्व्यवहार, बच्चों का गैर-कानूनी आदि शामिल है |

भारत में बच्चों की देखभाल और सुरक्षा को बढ़ावा देने के लिए २००७ के मार्च में राष्ट्रीय बाल अधिकार सुरक्षा के लिए एक कमीशन या संवैधानिक संस्था का निर्माण भारत की सरकार ने किया है |

बाल अधिकारों के लिए विभिन्न कार्यकर्मों को आयोजित करने के द्वारा इस दिन को पुरे विश्व भर में भारत सहीत अंतराष्ट्रीय समुदाय के सदस्य मनाते हैं | बाल अधिकार के अनुसार बचपन में उनके शारीरिक और मानसिक अपरिपक्वता के दौरान बच्चों को कानूनी सुरक्षा का देखभाल और संरक्षण करना बहुत जरुरी है |

बाल को संरक्षण सहयोग देना

भारत के हर एक अधीन बच्चों के अधिकारों के संरक्षण के लिए समझाए गए उपायों की निगरानी एवं जाँच के लिए वर्तमान केंद्र को सुझाव देते हैं | बड़े लोगों को अक्सर अपने अधिकारों के बारे में बहुत जागरूक रहते हैं |

संविधान में बच्चों को भी विशेष बाल अधिकार दिए गए हैं | देश के हर बच्चे को बाल अधिकार प्राप्त है, तथा बच्चों को भोजन और सेहत के अधिकार के साथ ही खुश माहौल में रहने का और सुरक्षा पाने का पूरा अधिकार है |

देश के हर बच्चों को शीक्षा पाने का अधिकार है, तथा हर बच्चे को प्रारंभिक शिक्षा पूरा करने का अधिकार है | उसके पहले पढ़ाई छुड़ाना गलत है | सरकार के द्वारा बच्चों को नि:शुल्क शिक्षा के साथ भोजन, यूनिफार्म और पुस्तकें भी प्रदान की जाती हैं |

२० नवम्बर को पूरा विश्व अंतर्राष्टीय बाल अधिकार दिवस मनाता है, और पलकों को बाल अधिकारों के प्रति जागरुक करने का प्रयास करता है | बच्चों को घर-परिवार के साथ समाज में रहनें और स्वस्थ विकास के लिए दुए गये अधिकारों की जानकारी सभी लोगों को होना चाहिए |

निष्कर्ष

बच्चों के लिए स्कूल की तरफ से कला तथा प्रतियोगिता का आयोजन किया जाता है, तथा अलग-अलग समुदायों के लोगों के बीच बाल अधिकार की जागरूकता को प्रचारित और बढ़ावा देनें के लिए बाल अधिकार से संबंधित कार्यक्रम तथा कई तरह के कविता, नृत्य आदि की प्रस्तुति दी जाती है |हर माता-पिता अपने बच्चों की परवरिश के लिए दावा करते हैं | जिस तरह से माता-पिता अपने बच्चों का पालन करते हैं,

Updated: September 21, 2019 — 12:50 pm

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