तितली पर निबंध – पढ़े यहाँ Butterfly Essay In Hindi

प्रस्तावना:

तितली रंग-बिरंगी और सबसे खुबसूरत किट होती है | तितली फूलों, पके हुए फलों से ही अपना भोजन प्राप्त कर लेती हैं | रंग-बिरंगी तितली बहुत ही प्यारी लगती है, इनके पर प्रत्येक रंग के काफी सुन्दर होते है |  यह बहुत ही प्यारी लगती हैं |

तितलियों का अंग सूंड जैसा होता है, इन्हीं के सहायता से वह फूलों के रस चूसती है | तितली अपना भोजन दिन में ही तलाश करती हैं और रात में वे निष्क्रिय रहती हैं | तितली हमें उद्यान तथा जंगलों में दिखाई देते हैं | तितली उद्यानों में लगे हुए फूलों के रस को चूसकर अपने जीवन का व्यापन करती हैं |

तितली के रंग

रंग-बिरंगी होती हैं तितलियां उनके अनेक रैंक होते हैं जैसे की लाल, पीले, नीले, हरे, सफ़ेद इत्यादि रंग पाये जाते हैं | तथा तितलियों के शारीर तीन भाग होते हैं, सिर, छाती और पेट यह सबसे रंगीन और प्यारी होती हैं | यह रंग-बिरंगी होने के कारण बहुत ही खुबसूरत होती हैं |

तितलियों के सबसे विशिष्ट सुविधाओं में से एक हैं तथा इनके चमकदार और रंगीन पंख होते हैं | तितली की लगभग १८००० प्रजातियां होती हैं | तितली ठंडे खून वाली जीव होती हैं, किसी भी चीजों के गंध को यह अपने एंटीना के सहायता से पहचान लेती हैं | यह पुरे विश्व में पाई जाती हैं |

तितली का जीवन 

तितली बहुत ही सुन्दर किट है इनका जीवन चक्र सिर्फ १ साल का होता है | परन्तु यह २ दिन से लेकर ११ महीनें तक कहीं भी रहती है | इनमें से जो सबसे तेज तितलियां होती हैं वह ३० मील प्रति घंटा उड़ सकती हैं | अधिकांश तितलियों के एंटीना के अंत में घुंडी होती हैं |

तितलियों के शरीर पतले और गंजे होते हैं | तितली अपनी जिंदगी की सुरुआत छोटे से अंडे के रूप में करती है | इनकी उत्पत्ति के अंतिम चरण को ककून कहते हैं, इनका पुर्नविकास होने के पश्चात यह ककून से बाहर आती हैं तथा इनकी आँखे गोल-गोल होती हैं |

तितली के शरीर के अंग 

लोगों को के द्वारा यह तितली सबसे खुबसूरत और दिलचस्प कीड़े के रूप में माना जाता है | लोग शौक से तितलियों को देखते हैं | तितली के चार पंख होते हैं जो की छोटे रंगों से ढंके होते हैं | तथा इनके पास छः पैर और दो एंटेना, सिर यौगिक आँखे तथा छाती और पेट पाए जाते हैं |

तितलियां बहुत ही सुकुमार होती हैं यह बहुत ही नाजुक होती हैं, किंतु परों को फैलाती है तो कुछ बड़ी लगती हैं | जब इनको छोटे-छोटे बच्चे खेलने के लिए पकड़ते हैं | यदि कोई इन्हें कसकर पकड़ ले तो ए तुरंत मुर्दा जैसे हो जाती हैं |

तितली रानी यह बचपन की कविता हमें आज भी याद है आइये दोस्तों आप लोगों को भी सुनाते हैं :

तितली रानी बड़ी सयानी,

फूल-फूल पर जाती है |

फूलों से रंग चुराकर,

अपने पंख सजाती है |

जब उसे जाओ पकड़ने,

झट से वो उड़ जाती है |

Updated: September 20, 2019 — 8:29 am

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