पक्षी पर निबंध हिंदी में – पढ़े यहाँ Birds Essay In Hindi

प्रस्तावना :

पृथ्वी एक ऐसा ग्रह है जिस पर मनुष्य, अन्य जीव – जंतु, कीटाणु, पशु और पक्षी, वन्य जीव यह सब का स्थान है | इस धरती पर बहुत सारे लोग निवास करते है | वैसे ही पक्षी भी प्राकृतिक पर्यावरण का एक हिस्सा है |

पक्षी यह एक उड़ने वाला जीव है | आसमान में पक्षी पंख फैलाकर उड़ते है | इनकी वजह से पूरी धरती की शोभा बढ़ जाती है | इनके सुन्दर रंगो के कारण हर मनुष्य को मोहित कर देती है |

संसार में प्राणी अलग अलग तरीके से निवास करते है | उन्हें तीन भागों में बाटा गया है – एक तो -जलचर, दूसरा – थलचर और तिसरा – नभचर | जलचर मतलब पानी में रहने वाले, थलचर मतलब इस भूमि पर चलने फिरने वाले और नभचर मतलब आकाश में संचार करने वाले |

पक्षी के प्रकार और आकार

हर देश में कई प्रकार के पक्षी पाए जाते है | कई पक्षियों का आकार बड़ा रहता है और कई पक्षियों का आकार छोटा होता है | हंस और कबुतर सफ़ेद रंग के होते है |

सभी पक्षी अलग अलग रंगों में पाए जाते है | कई पक्षी जमीन का उपयोग करते है, कोई पंजे का उपयोग करते है तो कोई पंखो के उपयोग करते है | सभी पक्षी अनाज, फल, कीड़े खाते है |

विविध रंगों में

कई पक्षी भिन्न भिन्न रंगों में पाए जाते है | कोई पक्षी काला, कोई हरा, कोई पिला, तो कोई पक्षी जामुनी रंग में पाए जाते है | पक्षियों के पंख रंग – बिरंगे होते है | पक्षी को दो पैर और दो आँखे होती है |

कई पक्षी आसमान में उड़ते है | हर संसार में इनकी विविधता पायी जाती है | पक्षी की दो खास बाते है – एक तो वो उड सकते है और दूसरा सभी पक्षी अंडे देती है |

निवास्थान पक्षी का सबसे ज्यादा सम्बन्ध प्रकृति के पर्यावरण से जुड़ा है | सभी पक्षी पेड़ो पर, झाडिया और जंगलों में घोसला बनाकर रहते है | जिस जगह पे इनको हरियाली नजर आती है वहा पे वो अपना जगह बना लेते है |

पक्षियों के मधुर स्वर

पक्षियों के मधुर स्वर सभी लोगो को आकर्षित करते है | कोयल, पपीहा, तोता इनके मधूर स्वर से सभी मंत्रमुग्ध हो जाते है | कवी की रचनाओ में पक्षी का बहुत गुणगान है | बहुत सारे कवियों ने पक्षी के ऊपर कविताए भी की है | कोयल पक्षी का मधूर स्वर सबको बहुत पसंद है |

निष्कर्ष :

पक्षी हमारे प्राकृतिक पर्यावरण के एक भाग है | मनुष्य के जीवन में पक्षी महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं | कुछ पक्षी मनोरंजन के लिए मनुष्य के काम आते है | पक्षीयों को पर्यावरण में रहना पसंद है |

Updated: February 28, 2019 — 10:02 am

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