भगत सिंह पर निबंध कक्षा ३ के लिए – पढ़े यहाँ Bhagat Singh Essay In Hindi For Class 3

प्रस्तावना:

हमारी भारतभूमि यह महान वीरों की जन्म भूमि हैं | यहाँ पर बहुत सारे महान वीरों जन्म लिया, जिन्होंने अपना सारा जीवन देश के लिए बलिदान किया | इन सभी वीरों में से एक हैं भगत सिंह |

इन्होंने हमारे देश के आज़ादी के लिए बहुत संघर्ष करके अपने प्राणों का त्याग किया | यह एक थोर स्वतंत्रता सेनानी थे | जिन्होंने अपने देश के स्वतंत्रता के लिए अंग्रेजों के खिलाफ आज़ादी की लड़ाई लढने में कोई कसर नहीं छोड़ी |

भगत सिंह का जन्म

भगत सिंह इनका जन्म २८ सितम्बर, १९०७ को पंजाब के लायलपुर के बगा गाँव में हुआ था | इनके पिता का नाम सरदार किशन सिंह सिंधु था और माता का नाम विद्यावती कौर था | इनका परिवार सिख परिवार था |

इस परिवार ने आर्य समाज के आचार – विचारों को अपना लिया था | इनके परिवार पर आर्य समाज और महर्षि दयानंद इनकें विचारों का सबसे गहरा प्रभाव पड़ा था |

शिक्षा और जीवन परिचय

भगत सिंह इन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा गाँव से ही पूरी की थी | उसके बाद उन्होंने सन १९१६ से १९१७ तक डी. ए. वी कॉलेज में अपनी हाईस्कूल की परीक्षा पास की थी |

हाईस्कूल की परीक्षा पास करने के बाद उन्होंने नेशनल कॉलेज से बी. ए की परीक्षा पास की | सन १९२३ में भगत सिंह ने एफ. ए की परीक्षा उत्तीर्ण की |

भगत सिंह बचपन से ही मेधावी यानि तीव्र बुद्धि वृत्ति के थे | वो बचपन से ही वीरों का खेल खेला करते थे | बचपन से हिन् उनके मन में देशप्रेम की भावना भरी हुई थी |

स्वतंत्रता संग्राम में क्रांति

भगत सिंह को अंग्रेज लोगों के खिलाफ लड़ने की गाँधीवादी शैली नहीं थी बल्कि यह युवाओं में शामिल थे | यह लाल – बाल – पाल के चरमपंथी के तरीकों पर ज्यादा विश्वास रखते थे | उन्होंने युरोपीय क्रन्तिकारी आंदोलन का अध्ययन किया और साम्यवाद के प्रति आकर्षित हो गए |

भगत सिंह इन्होंने महात्मा गांधीजी से प्रेरित होकर उनके असहयोग आंदोलन में सहभागी हो गए | उन्होंने लाला लजपतराय की मृत्यु का बदला लेने के लिए भगत सिंह और उनके दोस्तों ने स्कॉट सांडर्स को गोली मारकर मार दिया |

उसके बाद उन्होंने केंद्रीय संसद (सेंट्रल असेम्बली) में बम्ब फेका | सुखदे और राजगुरु इनके साथ भगत सिंह को फासी दी गयी |

भगत सिंह की मृत्यु

भगत सिंह को २३ मार्च १९३१ को नियमों के खिलाफ फांसी की सजा दी गयी | जब सुखदेव, राजगुरु और भगत सिंह इन तीनों को फांसी दी जा रही थी तब उन्हें चेहरे पर थोडासा भी डर नहीं था |

निष्कर्ष:

भगत सिंह यह हमारे भारत देश के सच्चे देशभक्त थे | उन्होंने देश को आज़ादी देने के लिए बहुत संघर्ष किया | अपने देश को बचाने के लिए उन्होंने अपनी २२ साल में ख़ुशी से फांसी पर चढ़ गए थे |

आज के युवकों के लिए बहुत बड़ा आदर्श हैं | जिस कारण की वजह से उनका नाम शहीदों में सबसे मुख्य रूप में लिया जाता हैं |

Updated: May 11, 2019 — 10:11 am

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *