बैडमिंटन पर निबंध हिंदी में – पढ़े यहाँ Badminton Essay In hindi 

प्रस्तावन:

बैटमिंटन खेल मेरा अत्यंत प्रिय खेल है, इस खेल को बैटलडोर के नाम से जाना जाता हैं, यह एक विदेशी खेल है, जो की ग्रीच और इजिप्त में खेला जाता हैं| यह खेल में एक शटलकॉक और रेकेट के माध्यम से खेला जाता हैं | बैटमिंटन यह खेल भारत देश में सर्वप्रथम १८ वीं शताब्दी में पुणे में खेला गया था |बैटमिंटन खेलने की विधि

बैटमिंटन इस खेल में दो दल होते हैं, जिसमे से प्रत्येक दल में केवल एक ही खिलाडी रहता है| यह खेल किसी पुरुष और महिला का भेद भाव नहीं किया जाता है|

एक मैदान में एक जाल की रेखा होती है और इससे एक दल एक ओर तो दुसरा दल दुसरे ओर होता है | अतः इस खेल में ज्यादा लोगो की जरुरत नहीं होती है|

इस खेल में केवल दो व्यक्ति की जरुरत ही होती है हमारे घर के पास मैदान में प्रत्येक रविवार को खेला जाता है हम अपने मित्रो के बीच इस खेल को खेल के बहुत ही आनन्द लेते है|

बैटमिंटन खेलने के फायदे 

बैटमिंटन हमारे देश में अधिक खेले जानेवाले खेल में से एक खेल है| चुकी इस खेल में ज्यादा नियम न होने के कारण इस खेल को खेलना बहुत संख्या में लोग पसंद करते हैं| हमारे देश में शटलकोक को चिड़िया के नाम से और रैकेट को जाली के नाम से भी जाना जाता है|

कारण यह है की शटलकाक में चिड़िया के छोटे छोटे पंख लगे हुए होते है इस खेल में सबसे महत्वपूर्ण बात यह है, की जब हम शटलकॉक को रैकेट से जोर से फटकार लगते है, तब हमारे हांथो का व्यायाम हो जाता है और इस खेल को जब तक खेलते है तब तक उचल कूद करते ही रहते है जिससे हमारे शरीर में रक्त का संचार तीव्रता से होती है और यह हमारे लिए एक व्यायाम से कम नहीं होता है|

बैटमिंटन को खेलने के बाद हमारे शरीर में चुस्ती-फुर्ती आ जाती है और यही हमें इस खेल को खेलने के लिए बार बार प्रेरित करता है |

बैटमिंटन के कुछ नुक्सान 

बैटमिंटन खेल में जब हम एक लत की तरह पागल से हो जाते है, तब हमें उच्च तथा निम्न रक्त चाप की समस्या उत्पन्न हो जाती है |

हालांकि इससे शरीर का व्यायाम होता है किन्तु जब कभी भी व्यायाम क्षमता से अधिक होती है तब हमें समाया का सामना करना होता है और कभी कभी तो मृत्यु भी हो जाती है|

निष्कर्ष :

हमारे भारत देश में कुछ देश के तथा कुछ विदेश के विभिन्न प्रकार के खेल हैं| जिसमे से बैटमिंटन एक विदेशी खेल है | जो की इजिप्त तथा ग्रीच से आया हुआ है|

हमें प्रयेक खेल में रूचि रखनी चाहिए जब की हम अपने रोजमर्रा के काम में मग्न रहता हैं और अपने शरीर तथा व्यायाम पर ध्यान ही नहीं देते जब की यह एक महत्वपूर्ण बात है| अतः जब तक हम किसी भी खेल में रूचि नहीं रखेंगे तब तक हमारे जीवन में वास्तविक रूप से मनोरंजन नहीं प्राप्त होगा |

Updated: February 22, 2019 — 7:50 am

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *