अंधविश्वास पर निबंध – पढ़े यहाँ Andhashraddha Essay In Hindi

प्रस्तावना:

अंधविश्वास यह एक बहुत बड़ी समस्या हैं | कई लोग अंधविश्वास पर यकींन करते हैं | वो अंधविश्वास के कारण ढोंगी साधू – बाबा, तांत्रिकों इन लफ्गों के बातों में आकर अपनी धन – दौलत और इज्जत गवा बैठते हैं |

हमारे देश में ज्यादातर स्त्रिया अंधविश्वास पर भरोसा करके उस चीज की शिकार बन गयी हैं | अंधविश्वास मनुष्य के मन में भय और ज्ञान की कमी को दिखाता हैं | लेकिन आज पढ़े – लिखे लोग भी अंधविश्वास पर यकीन करने लगे हैं |

अंधविश्वास का अर्थ –

अंधविश्वास का मतलब होता हैं – बिना कुछ सोचे समझे लोगों पर विश्वास कर लेना | जैसे की लोगों का मानना हैं की बिल्ली का रास्ता काटना, कोई जाते समय छिक देना, उल्लू की आवाज, बुरे नजर से बचने के लिए निम्बू और मिर्ची, आँख का फटना यह सभी अंधविश्वास की बाते होती हैं | ऐसा बोला जाता था की, भगवान को खुश करने के लिए मानव की बलि दी जाती थी |

अंधविश्वास के कारण

पुरे संसार में अंधविश्वास पाया जाता हैं | इस अंधविश्वास को मानने वाले ज्यादातर गरीब और अशिक्षित लोग होते हैं | हर एक व्यक्ति को कोई ना कोई समस्या रहती हैं |

जिसकी वजह से वो उसके छुटकारा पाने के लिए या उस समस्या का हल निकालने के लिए पाखंडी बाबा के पास जाता हैं | और उनकी बातों पर विश्वास करने लगता हैं |

अंधविश्वास की हानी  

अंधविश्वास की वजह से मनुष्य की समय, संपत्ति और इज्जत की हानी होती हैं | मनुष्य इतना अन्धविश्वासी हो जाता हैं की, वो पाखंडी बाबा के कहने के अनुसार सबकुछ करता हैं |

जिसकी वजह से तांत्रिक लोग उनसे बहुत सारा पैसा वसूल करते हैं | उनकी वजह से कई बार बच्चों की भी बली भी देते हैं | ऐसे ढोंगी बाबा के पास ज्यादातर स्त्रिया जाती हैं और अपनी इज्जत खो बैठती हैं |

अंधविश्वास के प्रकार

अंधविश्वास के कई प्रकार होते हैं | कुछ अंधविश्वास जातिगत होते हैं, तो कुछ धर्म संबंधी होते हैं, तो कुछ सामाजिक और विश्व व्यापी होते हैं | अंधविश्वास से मनुष्य को कोई फायदा नहीं होता हैं बल्कि बहुत ज्यादा नुकसान होता हैं |

अंधविश्वास को रोकने के उपाय

आज अंधविश्वास को रोकने के लिए सरकार के द्वारा काला जादू और नर बलि पर रोक लगाई गयी हैं | लेकिन उससे ज्यादा सभी लोगों में सामाजिक जागरूकता फैलानी जरुरी हैं |

उसके साथ – साथ लोगों की मानसिक सोच बदलना जरुरी हैं | ‘अंधविश्वास निरोधक विधेयक’ इस कानून को कर्णाटक सरकारने २०१७ में लागु किया हैं | कोई भी तंत्र, मंत्र के कारण मनुष्य की जान को खतरा हो यह सबसे बड़ा अपराध माना गया हैं |

निष्कर्ष:

अंधविश्वास से मुक्ति पाने के लिए देश के सभी लोगों को प्रयास करना चाहिए | हर किसी के जीवन में कोई ना कोई मुसीबत तो आती हैं लेकिन उसका हल निकालने के लिए साधुबाबा और पाखंडी लोगों के पास जाना |

अंधविश्वास यह समाज में फैलाती हुई सबसे बड़ी बुराई हैं | उससे छुटकारा पाने के लिए लोगों को समाजिक जागरूकता होना आवश्यक हैं |

Updated: June 15, 2019 — 6:58 am

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